kerala ki Rajdhani kya hai | केरल की राजधानी क्या है?

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दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हम आपको Kerala ki Rajdhani kya hai इसके बारे में बताने वाले है क्या आपको भी The capital of kerala in hindi के बारे में जानने में इंट्रेस्ट है यदि हाँ तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने की कोसिस करें क्यूंकि इस आर्टिकल में हम आपको Kerala ki Rajdhani kahan hai इसके बारे में बहुत ही विस्तार से बताने वाले है

Kerala ki Rajdhani kya hai

अभी निचे हम kerala ki Rajdhani kya hai इसके बारे में तो जानेंगे ही और साथ में kerala से जुडी और भी कई सारी जानकारी जानने वाले है जैसे केरल राजधानी का इतिहास और केरला की राजधानी में शिक्षा की सुविधा और भी अनिये जानकारी जो आपको जननी चाहिए यदि आप केरल की राजधानी से जुडी जानकारी हासिल कर रहे है तो

केरल की राजधानी क्या है? (kerala ki Rajdhani kya hai)

केरल की राजधानी ‘तिरुवनंतपुरम ‘ है। यह केरल की एक जिला भी है। तिरुवनंतपुरम का मुख्यालय तिरुवनंतपुरम ही है। पहले यह ‘त्रावनकोर कोचीन’ की राजधानी थी परंतु 1956 ई. में केरल राज्य की गठन के बाद इसे इस राज्य की राजधानी स्थापित कर दिया गया।

तिरुवनंतपुरम का शाब्दिक अर्थ “भगवान अनन्त का वासस्थान” होता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ‘अनन्त’ का मतलब शेषनाग होता है जो भगवान श्री विष्णु का पद्मासन है। यहां का श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर काफी प्रचलित है, जहां भगवान श्री विष्णु शेषनाग जी पर आराम की मुद्रा में बैठे हैं। कहा जाता है कि इसी कारण से यहाँ का नाम भी तिरुवनंतपुरम रख दिया गया। क्योंकि ब्रिटिश शासन के समय इस नगर को ‘त्रिवेन्द्रम’ नाम से जानते थे। राज्य सरकार ने सन 1993 को त्रिवेन्द्रम से बदल कर इस नगर का नाम तिरुवनंतपुरम कर दिया।

केरल की राजधानी का इतिहास (History of the Capital of Kerala)

तिरुवनंतपुरम नगर बहुत ही प्राचीन नगर है। अगर इसकी इतिहास की चर्चा करे तो इसका इतिहास करीब 1000 वर्ष पुराना है जब त्रावणकोर के संस्थापक मार्त्ताण्डवर्म्म ने तिरुवनंतपुरम को अपनी राजधानी बनाया था और यह राजधानी उनकी मृत्यु के बाद तक भी बनी रही। देश को स्वतन्त्रता मिलने के पश्चात तिरुवनंतपुरम ‘त्रावणकोर कोचीन’ की राजधानी बन गई।

और जब 1956 ई. में केरल राज्य का गठन हुआ तो इसी को केरल की राजधानी बना दिया गया। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम वहाँ के प्रसिद्ध मंदिर श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के कारण विख्यात और देश भर में मशहूर है। यह मंदिर भारत देश के सबसे प्रमुख वैष्णो मंदिरों में से एक है।

केरल की भौगोलिक स्थिति (Geographical Location of Kerala)

तिरुवनंतपुरम भारत के केरल राज्य के दक्षिण-पश्चिमी तट पर 8°30′ उत्तर और 76°54′पूर्व / 8.5°उत्तर 76.9°पूर्व पर स्थित है। इस नगर की ऊँचाई समुद्र तल से 26 फीट है। यहाँ की जलवायु मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु और उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु।

यहाँ का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्शियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्शियस तक रहता है। जब यहाँ वर्षा ऋतु प्रारंभ होती है तो यहाँ की आद्रता अधिक हो जाती है यानी कि लगभग 90% तक बढ़ जाती है।

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आगर इस शहर में लीगों की धार्मिक पहचान के बारे में बात करे तो तिरुवनंतपुरम शहर में 66.46% हिन्दू धर्म से संबंध रखते है और यहाँ 13.72% मुस्लिम, 19.10% ईसाई, 0.01% सिख, एवं अन्य कुछ प्रतिशत बौद्ध, जैन एवं अन्य धर्मों से संबंध रखते हैं।

केरल की राजधानी का दर्शनीय स्थल (Capital of Kerala Sightseeing)

श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर:- तिरुवनंतपुरम का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर। यह मंदिर करीब 260 वर्ष पुराना है। यहाँ का एक रिवाज है कि इस मंदिर में पुरुष मात्र श्वेत धोती पहनकर ही अंदर प्रवेश कर सकते है। इस मंदिर का नियंत्रण तिरुवनंतपुरम के त्रावणकोर राजसी परिवार द्वारा किया जाता है। यहाँ मात्र दर्शन के लिए काफी भक्त आते है।

चिड़ियाघर:- इसका निर्माण 1857 ई. में त्रावणकोर के महाराजा द्वारा किया गया था। यह लगभग 55 एकड़ तक फैला हुआ है जो तिरुवनंतपुरम के पी.एम.जी. संगम के पास स्थित है। यह भारत के दूसरा सबसे पुराना चिड़ियाघर है। इस स्थान पर देशी-विदेशी वनस्पति और जंतुओं का संग्रह देखा जा सकता है। तिरुवनंतपुरम का इस चिड़ियाघर में आप नीलगिरी लंगूर, भारतीय गैंडा, एशियाई सिम्ह और राजसी बंगाल व्याघ्र आदि को देख सकते है साथ ही यहाँ पर रैप्टाइल हाउस में सांपों की अनेक प्रजातियां को भी देखा जा सकता है।

तिरुवनंतपुरम वेधशाला:- अगर कहा जाए तो यह भारत की सबसे पुरानी वेधशालाओं में से एक है। इसका निर्माण महाराजा स्वाति तिरुनाल ने 1837 ई. को कराया था। यहाँ आप अंतरिक्ष से सम्बन्धित विभिन्न जानकारीयों को प्राप्त करने के साथ साथ आप उसे कृत्रिम रूप से देख भी सकते है।

वाइजिनजाम:- तिरुवनंतपुरम में यह क्षेत्र आयुर्वेदिक चिकित्सा और बीच रिजॉर्ट के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पर प्राचीन चटानो को काट कर एक गई गुफा बनाई गई है जहां विनंधरा दक्षिणमूर्ति का एक मंदिर स्थापित है। इस मंदिर में 18वीं शताब्दी में चट्टानों को काटकर बनाई गई प्रतिमाएं रखी गई हैं।

वाइजिनजाम में मैरीन एक्वैरियम भी है जहाँ आप अनेकों प्रकार के आकर्षक मछलियों को देख सकते है जैसे बटरफ्लाइ फिश, लायन फिश, क्लाउन फिश, बटरफ्लाइ फिश, स्क्विरिल फिश, सर्जिअन फिश और शार्क मछली। तिरुवनंतपुरम से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित वाइजिनजाम मछुआरों का गांव है।

नेपियर संग्रहालय:- तिरुवनंतपुरम शहर के उत्तर में म्यूजियम रोड पर स्थित नेपियर संग्रहालय का निर्माण 1885 ई. में हुवा था। यह भारत देश के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है जिसकी इमारतें लकड़ी से बनी हुई है। नेपियर संग्रहालय का नाम मद्रास के गवर्नर लॉर्ड चाल्र्स नेपियर के नाम पर रखा गया है। यहाँ पर आप शिल्प शास्त्र के अनुसार 8वीं-18वीं शताब्दी के समय कांसे से बनाई गई भगवान शिव,श्री विष्णु, माता पार्वती और देवी लक्ष्मी की प्रतिमाएं भी देख सकते है।

कनककुन्नु महल:- इस महल का निर्माण श्री मूलम तिरुनल राजा के शासन काल में हुआ था। यह महल नेपिअर संग्रहालय से 800 मीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। इस महल की आंतरिक सजावट के लिए खूबसूरत दीपदानों और शाही फर्नीचर का प्रयोग किया गया है।

चाचा नेहरु बाल संग्रहालय:- यह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल बस स्टेशन से 1 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इसका निर्माण सन 1980 ई. में की गई थी। इस संग्रहालय में आप 2000 आकृतियां देख सकते है। यह बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

कोवलम बीच:- यह तिरुवनंतपुरम से 16 किलोमीटर दूर स्थित है। कोवलम बीच केरल का एक प्रमुख पर्यटक केंद्र है। यहाँ के रेतीले तटों पर नारियल के पेड़ों और खूबसूरत लैगून से सजे यह बीच पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

अगस्त्यकूडम:- समुद्रतल से 1890 मीटर ऊपर स्थित यह जगह केरल का दूसरा सबसे ऊंचा स्‍थान है। अगस्त्यकूडम के जंगल में अनेकों प्रकार के जड़ी बूटियों और वनस्पति पाई जाती है। यहाँ 2000 से भी अधिक चिकित्सीय औषधियों पाई जाती है। तिरुवनंतपुरम के इस जंगल में हाथी, शेर, तेंदुआ, जंगली सूअर, जंगली बिल्ली और धब्बेदार हिरन जैसे जानवरों को भी देखा जा सकता है।

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नेय्यर वन्यजीव अभयारण्य और नेय्यर बांध:- इस अभयारण्य की स्थापना 1958 में की गई थी। यह क्षेत्र लगभग 123 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है। इस क्षेत्र की झील और बांध पर्यटकों को बहुत लुभाते हैं। क्रोकोडाइल फार्म, वॉच टावर, लायन सफारी पार्क और डियर पार्क आदि यहाँ के मुख्य आकर्षक है। यह तिरुवनंतपुरम शहर से 30 किलोमीटर दूर स्थित पश्चिमी घाट पर स्थित है।

ऐसे ही बहुत से पर्यटक स्थल है जहाँ आप अगर तिरुवनंतपुरम को जाते है तो आप वहाँ जा सकते है। यह शहर काफी खूबसूरत है। कहा जाता है कि यह त्रृषि अगस्त्य का निवास स्थान था।

केरल की राजधानी में शिक्षा का वेवस्था (Education system in the capital of Kerala)

भारत देश के सबसे शिक्षित राज्य केरल ही है। इस शहर की साक्षरता दर बाकी अन्य राज्यों और शहरों की साक्षरता दर से अधिक है। यहाँ की शिक्षा विभाग शहर की अच्छि पहचान बताती है। यहाँ भी अनेकों प्रकार के सरकारी और प्राइवेट विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय है

जहाँ से लोग अपनी प्राथमिक शिक्षा के साथ साथ अपनी उच्च स्तरीय शिक्षा को भी प्राप्त कर सकते है। भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान तथा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान इस शहर में स्थित दो प्रमुख संस्था है। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी केंद्र जैसे प्रसिद्ध संस्थान भी यहाँ पर स्थित है।

केरल में परिवहन एवं यातायात की सुविधा (Transport and transport facilities in Kerala)

सड़कमार्ग:- केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम सड़क मार्ग के द्वारा पहुंचने के लिए बहुत से बस और गाड़ियां सेवा में रहते है। बैंगलोर, कोच्चि, मदुरै, कन्याकुमारी और चैन्नई से तिरुवनंतपुरम के लिए बसें चलती हैं। केएसआरटीसी, तिरुवनंतपुरम बस अड्डा लंबी दूरी तय करने के लिए बसें उपलब्ध करवाती है।

रेलमार्ग:- चेन्नई, गोआ, बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, कन्याकुमारी, मैंगलोर, अर्नाकुलम, आदि जैसे शहरों से तिरुवनंतपुरम का रेलमार्ग जुड़ा हुआ है। त्रिशूर से प्रतिदिन लगभग सात रेलगाड़ियां तिरुवनंतपुरम के स्टेशन में आती हैं।

वायुमार्ग:- तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय विमानपत्तन के लिए चैन्नई, दिल्ली, गोवा, मुंबई से उड़ाने भरी जा सकती हैं। इन शहरों के लिए एयरलाइन की व्यस्था है।

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conclusion

दोस्तों आज की इस आर्टिकल में हम आपको Kerala ki Rajdhani kya hai इसके बारे में बताये है क्या आपको The capital of kerala in hindi के बारे में पता चल गया यदि कंही और किसी तरह की जानकारी जननी है तो हमें कम्मेंट में जरूर बातये आपको आपका जवाब जरूर दिया जायेगा क्यूंकि इस आर्टिकल में Kerala ki Rajdhani kahan hai ये तो बताया गया है

और यदि आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें होंगे तो आपको यह तो बहुत अच्छे से पता चल गया होगा की HINDIPADHAI की वेबसाइट में किस तरह की जानकारी दी जाती हैं यदि आपको हमारे दुवारा किसी भी चीज के बारे में विस्तार से जननी है तो हमें कम्मेंट में जरूर बताये हम आपको आपका सवाल का जवाब अपनी शब्दों में देने की कोसिस करेंगे

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